Monday, January 10, 2022

निरभ्र आभाळ

निरभ्र निळे नितळ नभ
अर्ध अवगुंठित  अनुपम चंद्र

फुले फुलोरा हिरवा कंच
मन निश्चळ निवांत निर्भ्रम.

पारदर्शिका :- जयदीप लिमये.
शब्द :- डॉ.सदानंद चावरे

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